खनन माफिया का नंगा नाच आदिवासियों के घर में घुसकर बेरहमी से पिटाई,गर्भवती महिला को भी नहीं बख्शा
ग्लोबल इंडिया टूडे न्यूज कटनी [ मध्यप्रदेश ]
कटनी कुठला थाना अंतर्गत कन्हवारा गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार वन विभाग की जमीन पर अवैध उत्खनन का विरोध करने और उसका वीडियो बनाने की सजा आदिवासियों को अपनी जान दांव पर लगाकर भुगतनी पड़ रही है।
आधी रात को तांडव सोते हुए परिवारों पर हमला
14 और 15 मार्च की दरमियानी रात करीब 2:00 बजे,जब पूरा गांव सो रहा था,तब आधा दर्जन गाड़ियों में भरकर आए खनन माफियाओं ने दलित और आदिवासी परिवारों के घरों पर धावा बोल दिया।
बदले की आग
बताया जा रहा है कि पीड़ितों ने क्षेत्र में हो रहे अवैध मुरूम,बॉक्साइट और आयरन ओर के उत्खनन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। इसी से नाराज होकर माफियाओं ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
अमानवीय कृत्य
पीड़ित सुखदेव प्रसाद कोल ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने न केवल उनके साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं।
महिलाओं और गर्भवती महिला के साथ दरिंदगी
माफियाओं की बेरहमी का आलम यह था कि उन्होंने महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। घर में मौजूद एक दो माह की गर्भवती महिला के साथ मारपीट की गई और उसे जमीन पर पटक दिया गया। केशकली कोल ने रोते हुए बताया कि जब उन्होंने अपने पति को बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा।
यह घटना शासन और प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है ।
मुख्यमंत्री के दौरे के बीच चुनौती
जिस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिले के दौरे पर थे,उसी समय माफिया इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे थे।
नेताओं का वरदहस्त
पीड़ितों का सीधा आरोप है कि हमलावरों को सत्ता पक्ष के कद्दावर नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है,जिसके कारण पुलिस उन पर हाथ डालने से कतराती है।
वर्तमान स्थिति
पीड़ित आदिवासी परिवार वर्तमान में न्याय की गुहार लेकर कुठला थाने पहुंचे। उनकी मांग है कि दोषियों पर तत्काल कठोरतम धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

