खुशियों की दास्तां'
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनी सुजाता के घर की खुशियों और बच्चों की पढ़ाई के लिए संबल
ग्लोबल इंडिया टूडे न्यूज कटनी [ मध्यप्रदेश ]
कटनी की सुजाता दुबे के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और घर की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने वाला एक मजबूत आधार बन गई है।
एक माँ के लिए सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों के भविष्य की होती है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग सुजाता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर रही हैं। कभी बच्चों की कॉपियां, स्टेशनरी, तो कभी स्कूल की प्रोजेक्ट सामग्री के लिए अब उन्हें घर में किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। सुजाता का कहना है कि बच्चों की शिक्षा में आने वाली आकस्मिक जरूरतों को अब मैं तुरंत पूरा कर लेती हूँ, जिससे उनकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आती। शिक्षा के साथ-साथ सुजाता इस राशि का उपयोग घर के रोजमर्रा के खर्चों में भी कर रही हैं। रसोई के लिए ताजी सब्जियां, फल और किराना सामग्री की खरीदारी अब सुचारू रूप से हो पा रही है। सुजाता के अनुसार, बढ़ती महंगाई के समय में यह राशि बजट के अंतर को खत्म कर देती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी छोटे खर्चों और दवाइयों के लिए भी अब उन्हें चिंता नहीं करनी पड़ती।
सुजाता बड़े गर्व से कहती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने मुझे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है। अब छोटी-छोटी घरेलू चीजों या बच्चों की स्कूल संबंधी खुशियों के लिए मुझे किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यह राशि सीधे मेरे खाते में आती है, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह मदद किसी वरदान से कम नहीं है। वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि प्रदेश सरकार ने बहनों की बुनियादी जरूरतों और बच्चों के भविष्य को समझते हुए हमें वास्तव में 'लाड़ली' होने का सम्मान दिया है।

